भारतीय राजनीति में राहुल गाँधी किसी पहचान के मोहताज नहीं है। बीते वर्षों में राहुल गांधी की राजनीतिक शैली में काफ़ी बदलाव आया है।

भारत जोड़ो यात्रा, युवाओं और आम जनता से सीधे बातचीत ने उनकी छवि को एक गंभीर और मुखर नेता के रूप में गढ़ा है।अपने एक पुराने बयान को लेकर कोर्ट में माफी मांगने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “मैं सावरकर नहीं हूं, मैं गांधी हूं और गांधी माफी नहीं मांगता.”

इस बातचीत के दौरान उन्होंने एक और पत्रकार को कहा कि अगर बीजेपी का समर्थन करते हैं तो बीजेपी का तमगा लगा कर आएं और खुद को पत्रकार न कहें।


